All Articles

  • RBSE | माध्यमिक परीक्षा | 10th Board Exam |Modal Paper-3 |सामाजिक विज्ञान | Social Science | हल | Solutions
    RBSE 10th Board Exam Paper | सामाजिक विज्ञान | Social Science | हल | Solutions माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर माध्यमिक परीक्षा (10th Board Exam)   समय – 03 घंटा 15 मिनट                                विषय – सामाजिक विज्ञान                                   पूर्णांक – 80 प्र.1  निम्न प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चयन कर … Read more
  • RBSE | माध्यमिक परीक्षा | 10th Board Exam |Modal Paper-3 |सामाजिक विज्ञान | Social Science
    RBSE 10th Board Exam Paper | सामाजिक विज्ञान | Social Science माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर माध्यमिक परीक्षा (10th Board Exam) समय – 03 घंटा 15 मिनट              विषय – सामाजिक विज्ञान                          पूर्णांक … Read more
  • RBSE | माध्यमिक परीक्षा | 10th Board Exam |Modal Paper-2 |सामाजिक विज्ञान | Social Science | हल | Solutions
    RBSE 10th Board Exam Paper | सामाजिक विज्ञान | Social Science | हल | Solutions माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर माध्यमिक परीक्षा (10th Board Exam)   समय – 03 घंटा 15 मिनट                                विषय – सामाजिक विज्ञान                                   पूर्णांक – 80 प्र.1  निम्न प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चयन कर … Read more
  • RBSE | माध्यमिक परीक्षा | 10th Board Exam |Modal Paper-2 |सामाजिक विज्ञान | Social Science
    RBSE 10th Board Exam Paper | सामाजिक विज्ञान | Social Science माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर माध्यमिक परीक्षा (10th Board Exam) समय – 03 घंटा 15 मिनट              विषय – सामाजिक विज्ञान                          पूर्णांक … Read more
  • RBSE | माध्यमिक परीक्षा | 10th Board Exam |Modal Paper-1 |सामाजिक विज्ञान | Social Science | हल | Solutions
    RBSE 10th Board Exam Paper | सामाजिक विज्ञान | Social Science | हल | Solutions माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर माध्यमिक परीक्षा (10th Board Exam)          समय – 03 घंटा 15 मिनट            विषय – सामाजिक विज्ञान              … Read more
  • RBSE | माध्यमिक परीक्षा | 10th Board Exam |Modal Paper-1 |सामाजिक विज्ञान | Social Science
    RBSE 10th Board Exam Paper | सामाजिक विज्ञान | Social Science माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर माध्यमिक परीक्षा (10th Board Exam)        समय – 03 घंटा 15 मिनट              विषय – सामाजिक विज्ञान (Social Science)               पूर्णांक – 80 प्र.1  … Read more
  • राजस्थान सरकार की प्रमुख योजना
    राजस्थान सरकार की योजना   ✍️ मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 01 मई, 2021 को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई है। यह चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित है। इस योजना के तहत सरकारी चिकित्सालय व पंजीकृत निजी चिकित्सालयों के माध्यम से रूपये 05 लाख तक का … Read more
  • मनोविज्ञान | Psychology | बालविकास
    मनोविज्ञान | Psychology >> मनोविज्ञान का अतीत बहुत लम्बा है जबकी इतिहास बहुत छोटा है।   —- एबिंगठास >> मनोविज्ञान का इतिहास 16वीं शताब्दी से प्रारम्भ होता है जबकि अतीत 400 ई.पू. से प्रारम्भ हो जाता है। >> ‘मनोविज्ञान’ का सर्वप्रथम प्रयोग 1590, ई. में रुडोल्फ गोलकर ने अपकी पुस्तक … Read more
  • कार्तिकेय कौन थे ?| कार्तिकेय का शिवजी से सम्बन्ध
    कार्तिकेय 👨‍🦰 कार्तिकेय के जन्म की कथा        शिवजी और पार्वती के पुत्र कार्तिकेय के जन्म सम्बन्धी एक धारणा है कि उनका जन्म एक विलक्षण प्रयोग द्वारा हुआ था। इसके अनुसार छह जीवों को एक शरीर में प्रवेश कराके उन्हें जीवन दिया गया था। वह छह कृतिकाओं (देवियों) के माध्यम से … Read more
  • प्राचीन भारतीय शिक्षा | Ancient Indian Education
    प्राचीन भारतीय शिक्षा           प्राचीन भारतीय सभ्यता विश्व की सर्वाधिक रोचक तथा महत्त्वपूर्ण सभ्यताओं में से एक है। इस सभ्यता के समुचित ज्ञान के लिए हमें इसकी शिक्षा पद्धति का अध्ययन करना आवश्यक है, जिसने इस सभ्यता को चार हजार वर्षों से भी अधिक समय तक सुरक्षित रखा। प्राचीन भारतीयों ने … Read more
  • राजस्थान की चित्रकला महत्वपूर्ण तथ्य
    चित्रकला की प्रमुख संस्थाऐं जोधपुर  –  चितेरा, धोरा  उदयपुर  –  खमल, तुलिका कला परिषद जयपुर   – कलावृत, आयाम, पैंग, क्रिएटिव संस्थाऐं, जवाहर कलाकेन्द्र 1993 में  भीलवाड़ा – अंकन राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स एवं क्राफ्ट्स – महाराजा रामसिंह के काल में जयपुर में स्थापित। पुराना नाम – मदरसा-ए-हुनरी।  राजस्थान ललित … Read more
  • हाड़ौती शैली | बूँदी शैली | अजमेर शैली | नागौर शैली
    हाड़ौती शैली स्कूल | चित्रकला शैली 🕊️ बूंदी शैली इस शैली पर मेवाड़ चित्र शैली का प्रभाव स्प्ष्ट नजर आता है। बूंदी शैली का स्वर्णकाल सुर्जन सिंह हाड़ा का काल माना जाता है।  बूंदी शैली को राजस्थानी विचारधारा की शैली या प्राचीन विचारधारा की शैली कहा जाता है। बूंदी शैली, … Read more
  • ढूंढाड़ स्कूल | जयपुर चित्रकला शैली | शेखावाटी शैली
    ढूंढाड़ स्कूल | जयपुर चित्रकला शैली  🐅 अलवर शैली यह शैली सन् 1775 ई. मे जयपुर से अलग होकर ‘राव राजा प्रतापसिंह’ के राजत्व मे स्वंत्रत अस्तित्व प्राप्त कर सकी। उनके राजकाल मे ‘शिवकुमार और डालूराम’ नामक दो चित्रकार जयपुर से अलवर आये।  अलवर कलम जयपुर चित्रकला की एक उपशैली … Read more
  • कबीर दोहावली | Kabir Ke Dohe
    कबीर दोहावली दुख में सुमरिन सब करे, सुख में करे न कोय ।  जो सुख में सुमरिन करे, दुख काहे को होय ॥ 1 ॥   तिनका कबहुँ न निंदिये, जो पाँयन तर होय ।  कबहुँ उड़ आँखिन परे, पीर घनेरी होय ॥ 2 ॥   माला फेरत जुग भया, … Read more
  • मीराबाई | श्रीकृष्ण भक्त | कवयित्री
    मीराबाई       भारत की दिव्यभूमि पर प्राचीन काल से ही महान संतों, तपस्वियों, योगियों, पराक्रमी योद्धाओं, समाज सुधारकों व साधकों-विचारकों ने अवतरित होकर मानव जाति व समाज का अपने कृत्यों द्वारा मार्गदर्शन किया है। ऐसी ही एक कृष्ण भक्त व महा तपस्विनी थीं मीराबाई। ⚜️ मीराबाई का जन्म और प्रारंभिक जीवन … Read more
  • जोधपुर शैली | मारवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स | राजस्थान की चित्रकला शैली
    मारवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स | राजस्थान की चित्रकला शैली 🐪 जोधपुर शैली जोधपुर शैली पर मुगल शैली का प्रभाव हैं। जोधपुर शैली का प्रारम्भिक विकास राव मालदेव ( 52 युद्धों का विजेता) के काल में हुआ। स्वर्णकाल, जसवंत सिंह प्रथम का काल रहा। जोधपुर शैली मालदेव के समय में स्वतंत्र … Read more
  • मेवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स | राजस्थान की चित्र शैली | मेवाड़ शैली
    मेवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स / मेवाड़ की चित्रकला 🐘 मेवाड़ शैली चित्रकला की सर्वाधिक प्राचीन शैली। मेवाड़ शैली को विकसित करने में महाराणा कुम्भा का विशेष योगदान रहा। मेवाड़ शैली का स्वर्णकाल जगत सिंह प्रथम का काल रहा। “विष्णु शर्मा द्वारा रचित पंचतन्त्र नामक ग्रन्थ में पशु-पक्षियों की कहानियों के … Read more
  • राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ
    राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ राजस्थानी चित्रकला शैली का प्रारंभ 15 वीं से 16 वी शताब्दी के मध्य माना जाता है। राजस्थानी चित्रकला में चटकीले भड़कीले रंगों का प्रयोग किया गया है । विशेषतः पीले व लाल रंग का सर्वाधिक प्रयोग हुआ है।  राजस्थान की चित्रकला शैली में अजंता व मुग़ल … Read more
  • राजस्थान के प्रमुख लोकदेवता | Lokdevata
    राजस्थान के प्रमुख लोकदेवता क्षेत्रीय स्तर पर समय-समय पर उत्कृष्ट कार्य, बलिदान, उत्सर्ग या परोपकार करने वाले महापुरुषों को लोक देवता या पीर कहा जाता है भूमि रक्षक देवताओं को भौमिया कहा जाता है।  गांव रक्षक देवताओं को क्षेत्रपाल कहा जाता है।  मारवाड़ के पंच पीर निम्न प्रकार है। गोगाजी, … Read more
  • भारत में आधुनिक भूगोल का विकास
    भारत में आधुनिक भूगोल का विकास         19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध तक भारत में भूगोल का क्षेत्र केवल स्कूलों तक ही सीमित था जिसे इतिहास व नागरिक शास्त्र के साथ मिलकर पढ़ाया जाता था। इस काल में केवल देहरादून स्थित ‘सर्वे ऑफ इण्डिया’ (1767 में स्थापित) ही एकमात्र संस्था थी जहाँ … Read more
  • भूगोल में मात्रात्मक क्रांति के विकास एवं प्रभाव
    भूगोल में मात्रात्मक क्रांति के विकास एवं प्रभाव ✍️ भूगोल में मात्रात्मक क्रांति      भूगोल में द्वितीय विश्वयुद्ध के उपरान्त अनुभवात्मक अध्ययनों के स्थान पर मात्रात्मक (परिमाणात्मक) अध्ययनों पर बल दिया जाने लगा, जिसे भूगोल में मात्रात्मक क्रांति कहते हैं। इस प्रकार के अध्ययनों में उच्च स्तर की गणित तथा सांख्यिकीय … Read more
  • भूगोल में द्वैतवाद | क्रमबद्ध एवं प्रादेशिक भूगोल में व्याप्त द्वैतवाद
    भूगोल में द्वैतवाद  (क्रमबद्ध एवं प्रादेशिक भूगोल में व्याप्त द्वैतवाद )     प्राचीन ग्रीक युग से आज तक भूगोल के विभिन्न पक्षों का अध्ययन व अनुसंधान किया जाता रहा है। ग्रीक युग में गणितीय भूगोल तथा रोमन युग में विभिन्न प्रदेशों के भूगोल का अध्ययन स्ट्रेबो ने किया। नवीन प्रवृत्तियों के … Read more
  • क्रांतिकारी भूगोल | अतिवादी भूगोल का वर्णन
    ✍️क्रांतिकारी भूगोल / अतिवादी भूगोल का विकास         क्रांतिकारी भूगोल मात्रात्मक क्रान्ति के विरोधाभाव स्वरूप विकसित हुई। यह मार्क्सवादी विचारधारा की प्रयुक्ति है। 1969 में क्लार्क विश्वविद्यालय, मेसाचुसेट्स में Antipode नामक एक भौगोलिक शोध पत्रिका के प्रथम अंक में से क्रांतिकारी भूगोल का जन्म हुआ। इसके विकास में विलियम बुंगी तथा … Read more
  • आचरण भूगोल या व्यवहारवादी भूगोल की व्याख्या
    आचरण भूगोल या व्यवहारवादी भूगोल की व्याख्या       भूगोल में मनुष्य के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक क्रिया-कलापों के अध्ययन का विशेष महत्व होता है। इस दृष्टि से भूगोल सामाजिक विज्ञानों में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में सफल रहा है, लेकिन इसके विधि तन्त्र तथा लक्ष्यों को लेकर उभरे असन्तोष के परिणामस्वरूप … Read more
  • विडाल डी ला ब्लाश एवं जीन ब्रुन्स का फ्रांसीसी विचारधारा के विकास में योगदान 
    ✍️ विडाल डी ला ब्लाश का योगदान         विडाल डी ला ब्लाश को मानव भूगोल का संस्थापक माना जाता है। ब्लाश ने 1865 में पेरिस शिक्षण संस्थान ‘Ecole Normale Superieure’ से इतिहास तथा भूगोल दोनों विषयों की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने कुछ समय तक एथेन्स के फ्रांसीसी स्कूल में अध्यापक का … Read more
  • फ्रेडरिक रेटजेल एक महान मानव भूगोलवेत्ता 
    फ्रेडरिक रेटजेल एक महान मानव भूगोलवेत्ता  ✍️ फ्रेडरिक रेटजेल का जीवन परिचय        फ्रेडरिक रेटजेल का जन्म 1844 ई. में हुआ था तथा उसकी प्रारम्भिक शिक्षा जर्मनी के विभिन्न विश्वविद्यालयों में हुई थी। उसका जन्म प्रशिया के कार्लशू नगर में हुआ था। बाल्यकाल में उसने चार वर्ष तक एक रसायनज्ञ के … Read more
  • कार्ल रिटर का भूगोल में योगदान
    कार्ल रिटर का भूगोल में योगदान ✍️ कार्ल रिटर का जीवन परिचय        कार्ल रिटर ने भूगोल को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया। कार्ल रिटर का जन्म 1779 में प्रशिया शिक्षा केन्द्र श्नेपफेन्थल के निकट मेग्डेलबर्ग में हुआ। अलेक्जेन्डर-वान-हम्बोल्ट के समकालीन विद्वानों में से एक तथा विविध रुचि रखने वाला विद्वान कार्ल … Read more
  • हम्बोल्ट का भूगोल के विकास में योगदान
    हम्बोल्ट का भूगोल के विकास में योगदान  ✍️ हम्बोल्ट का सामान्य परिचय        हम्बोल्ट का जन्म प्रशिया के एक कुलीन परिवार में हुआ था। उनका प्रारम्भिक अध्ययन वनस्पति विज्ञान एवं भूगर्भ शास्त्र में हुआ था। प्रतिष्ठित शास्त्रीय भूगोल के विकास में हम्बोल्ट का व्यक्तित्व महान् है। हम्बोल्ट ने आधुनिक भूगोल की … Read more
  • इमेनुअल काण्ट का भूगोल में योगदान
    इमेनुअल काण्ट का भूगोल में योगदान ✍️ इमेनुअल काण्ट का जीवन परिचय        इमेनुअल काण्ट का जन्म पूर्वी प्रशिया के कोनिंग्सबर्ग (लिनिनग्राड) में 22 अप्रेल, 1724 ई. को हुआ था। वह एक साधारण परिस्थितियों वाले जीनसाज और साज निर्माता का चौथा बालक था। उसके माता-पिता ने उसे कठोर धार्मिक मत जो … Read more
  • वारेनियस का भूगोल में योगदान
    वारेनियस का भूगोल में योगदान         बर्नहार्ड वारेनियस (1622-1650 A.D.) का वास्तविक नाम बनहार्ड वारेन है। इनका जन्म 1622 में हेम्बर्ग के निकट हिजेकर नामक कस्बे में हुआ था। यह स्थान एल्ब नदी के तट पर स्थित है। वारेनियस एक युवा प्रतिभावान भूगोलवेत्ता थे जिन्हें वर्तमान भूगोल संस्थापकों में से एक … Read more
  • टॉलेमी का भूगोल में योगदान
    टॉलेमी का भूगोल में योगदान          क्लॉडियस टॉलेमी के जन्मस्थान के सम्बन्ध में विद्वानों के विचार में पर्याप्त मतभेद पाये जाते हैं। सामान्यतया विभिन्न इतिहासकारों के मतानुसार टॉलेमी का जन्म 90 ई. में टॉलेमस हरसी नामक स्थान पर हुआ माना जाता है। अन्य इतिहासकारों के अनुसार टॉलमी का जन्म स्थान … Read more
  • शिक्षक प्रतिनियुक्ति सम्बन्धी परिपत्र राजस्थान
      शिक्षक प्रतिनियुक्ति सम्बन्धी परिपत्र राजस्थान        शिक्षा  विभाग के अधिकारियो, कार्मिको और शिक्षको के अन्य राजकीय विभागों / संस्थाओं / स्वायत्तशासी संस्थाओं/निगमों / बोर्डों / उपक्रमों/ परियोजनाओं आदि में समय- समय पर प्रतिनियुक्ति पर स्वयं की इच्छा से अथवा उन विभागों की मांग पर जाते हैं। अध्यापक … Read more
  • स्ट्रैबो का भूगोल में योगदान
    स्ट्रैबो का भूगोल में योगदान       स्ट्रैबो का जन्म ईसा से 64 वर्ष पूर्व टर्की के कालासागर तटवर्ती क्षेत्र में अमेशिया नगर में हुआ था। उनकी आरम्भिक शिक्षा नीसा नगर में एरेस्टोडोमस नाम विद्वान की देखरेख में हुई, बाद में वे उच्च शिक्षा के लिए कोरिन्थ नगर में आ गये। स्ट्रैबो … Read more
  • इरेटोस्थनीज की भूगोल को देन
    इरेटोस्थनीज की भूगोल को देन      इरेटोस्थनीज का भूगोल के विकास में योगदान निम्न बिन्दुओं के अन्तर्गत स्पष्ट किया गया है।   ✍️ इरेटोस्थनीज का पृथ्वी सम्बन्धी विचार          इरेटोस्थनीज का विचार था कि पृथ्वी की आकृति गोलाभ है। यह अपने अक्ष पर 24 घण्टे में एक बार चक्कर लगाती है। इसे घूर्णन … Read more
  • हेरोडोटस का भूगोल में योगदान | Herodotus
    हेरोडोटस का भूगोल में योगदान      हेरोडोटस यूनान का ऐसा विद्वान हुआ जिसका भौगोलिक योगदान उल्लेखनीय है। हेरोडोटस का जन्म ईसा से 480 वर्ष पूर्व हेलीकारनेसस (यूनान का एक नगर) में हुआ। यह नगर प्रमुख शिक्षा केन्द्र मिलेटस के निकट था। हेरोडोटस एक धनी कुलीन परिवार का सदस्य था, जिस कारण … Read more
  • कालिदास का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचनाएँ
    “कालिदास” का अर्थ है ‘कालि’ का ‘सेवक’ अथवा ‘दास’ । यह सत्य है कि वे दिव्यज्ञानी और अप्रतिम प्रतिभा के धनी थे क्योंकि उन्हें माँ काली का आशीर्वाद प्राप्त था, इसीलिए उन्हें “काली-दास” के उपनाम से जाना जाता है। हो सकता है इससे पूर्व उन्हें किसी अन्य नाम से जाना जाता होगा।
  • राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्त्रोत  
    राजस्थान के इतिहास के स्त्रोत          इतिहास भूतकाल में हुई विशेष घटनाओं का वृतान्त होता है। इतिहासकार उन विशेष घटनाओं केमहत्वपूर्ण तथ्यों को सामने रखकर भूतकाल को वर्तमानकाल से जोड़ता है। ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य प्राप्तकरने के लिए जो स्त्रोत (साधन) होते हैं उन्हें इतिहास के स्त्रोत कहा जाता है। ऐसे स्त्रोतों … Read more
  • श्रीकृष्ण – सर्वोत्तम मित्र | भगवतगीता सार
    श्रीकृष्ण – सर्वोत्तम मित्र             श्रीकृष्ण अर्जुन की बुआ के पुत्र थे। परंतु इससे बढ़कर वे अर्जुन के मित्र अधिक थे। वे एक विश्वसनीय मित्र थे। यदि श्रीकृष्ण पाण्डवों तथा विशेष रूप से अर्जुन के साथ न होते तो वे सब दुर्योधन और उसके सहयोगियों द्वारा … Read more
  • मनोविज्ञान क्या है? परिभाषा, विषय एवं क्षेत्र | Psychology
    मनोविज्ञान ( Psychology ) : परिभाषा, विषय, क्षेत्र एवं प्रकृति       ज्ञान की किसी भी विद्याशाखा को परिभाषित करना कठिन होता है। क्योंकि यह सर्वदा विकसित होता रहता है । तथा चरों का जिस सीमा तक अध्ययन किया जाता है उन्हें किसी एक परिभाषा में नहीं लाया जा … Read more
  • वेबर का औद्योगिक अवस्थान मॉडल | Weber’s Model of Industrial Location
    वेबर का औद्योगिक अवस्थान मॉडल (Weber’s Model of Industrial Location)        अल्फ्रेड वेबर उद्योग के स्थानीयकरण के सिद्धान्त को प्रस्तुत करने वाले पहले विद्वान थे। सन् 1929 में उनकी पुस्तक का अंग्रेजी में अनुवाद ” Theory of Location of Industries ” के नाम से हुआ। सन् 1882 तथा … Read more
  • लक्ष्मी जी का धरती लोक पर प्रवास
    भगवान विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी           एक बार भगवान विष्णु जी शेषनाग पर बैठे बैठे बोर हो गये, और उन्होंने धरती पर घुमने का विचार मन में किया, वेसे भी कई साल बीत गये थे धरती पर आये, और वह अपनी यात्रा की तैयारी … Read more
  • लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक | Bal Gangadhar Tilak
    लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक           लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने कहा था— “ स्वतन्त्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर ही रहूँगा। ” तिलक का यह कथन ‘ स्वतन्त्रता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है ‘ सत्य था किन्तु ‘ मैं इसे लेकर ही रहूँगा … Read more
  • गोपाल कृष्ण गोखले | Gopal Krishna Gokhale
    गोपाल कृष्ण गोखले ✍️ गोपाल कृष्ण गोखले का जीवन परिचय            गोपाल कृष्ण गोखले भारत के स्वाधीनता संग्राम में जिन विभूतियों का प्रमुख सहयोग रहा है, उनमें श्री गोपाल कृष्ण गोखले का नाम अपना एक विशिष्ट स्थान रखता है। आने वाली पीढ़ियों को उनके विषय में … Read more
  • झाँसी की महारानी लक्ष्मी बाई | Maharani Laxmi Bai
    महारानी लक्ष्मी बाई  ✍️ महारानी लक्ष्मी बाई का जीवन परिचय          महारानी लक्ष्मी बाई का जन्म काशी में कार्तिक कृष्णा 14 सम्वत् 1892 तदनुसार 16 नवम्बर, 1835 में हुआ था। उनकी माता का नाम भागीरथी बाई था एवं पिता का नाम मोरोपन्त बलवन्त राव ताम्बे था। वे … Read more
  • Bhagat Singh | भगतसिंह
    भारत माँ का सपूत भगतसिंह भगतसिंह का जीवन परिचय       अमर शहीद सरदार भगतसिंह के नाम से आज कौन परिचित नहीं है ? भगतसिंह एक महान् क्रान्तिकारी एवं देशभक्त व्यक्ति थे। उनका आदर्श केवल भारत को गुलामी से मुक्ति दिलाना ही नहीं, बल्कि साम्राज्यवाद का नाश भी था। … Read more
  • सरकारी कार्मिक सहायता सम्बन्धी प्रमुख FAQ
    सरकारी कार्मिक सहायता सम्बन्धी प्रमुख FAQ ✍️ कोई कार्मिक प्रधानाचार्य के विधि सम्मत आदेशों की पालना यथा चार्ज / प्रभार लेने से मना करना या अपने विभागीय दायित्वों की पालना नहीं करें तो ऐसी स्थिति में संस्था प्रधान को क्या करना चाहिए? उत्तर : किसी भी संस्था में अनुशासन बनाए … Read more
  • पारिवारिक  सम्बंध _  रिश्तों  को  समझना | Family Relation
    पारिवारिक  सम्बंध _  रिश्तों  को  समझना “माता  के  प्यार,  पिता  के  दुलार  और  भाई  -बहिन  के  पवित्र रिश्ते  में  सुख-शांति   व  सही मार्गदर्शन  का  वातावरण  सृजित  होता  है।  अतः  परिवार  व  किशोरों  की  आपसी  समझ, कतर्व्य  पूर्ति  व  संवाद,  परिवार  को  किशोरों   की  आदर्श  पाठशाला  बना  देते  हैं।”     … Read more
  • दक्खिनी चित्र शैली | भारत की चित्रकला
    दक्खिनी चित्र शैली | भारत की चित्रकला ऐतिहासिक  पृष्ठभूमि            14वीं  शताब्दी  में  दक्षिण  भारत  के  दो  महत्वपूर्ण  राज्यों का  उदय  भारतीय  कला  इतिहास  में  कला  विकास  की  दृष्टि  से उल्लेखनीय  है।  1336  ईस्वी  में  स्थापित  विजयनगर  साम्राज्य और  1347  ईस्वी  में  स्थापित  बहमनी  सल्तनत।  इन  दोनों रियासतों  के  मध्य  संघर्ष  … Read more
  • परमाणु संरचना | Atomic Structure
    परमाणु संरचना | Atomic Structure              प्राचीन काल से ही मनुष्य पदार्थ के रूप के परिवर्तन के बारे में जिज्ञासु रहा है, उदाहरण के लिए जब पानी में नमक मिलाया जाता है तो वह अदृश्य हो जाता है, लेकिन उसका स्वाद पानी में होता है। जलने पर कोयला राख में बदल … Read more
  • संख्या (Number) | संख्याओं के बारे में चर्चा | What is the Number
        संख्या (Number) – आओ संख्याओं के बारे में चर्चा करते हैं ? दो संख्याओं में वही संख्या बड़ी होती है, जिसमें अंकों की संख्या अधिक होती है। यदि दोनों में अंकों की संख्या समान है, तब हम उनके सबसे बाएँ स्थित अंकों की तुलना करते हैं और जिस … Read more
  • APAR शाला दर्पण से online कैसे भरे ?
    🌀 APAR (Annual Performance Assessment Report) वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन शाला दर्पण स्टाफ विंडो से ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया 1★➡️Rajshaladarpan.nic.in साइट ओपन कर स्कूल लॉगिन नही करके स्क्रोल करने पर नीचे अलग-अलग विंडो दिखाई देती हैं जिनमें से स्टाफ विंडो पर क्लिक कर ओपन करते हैं । 2★➡ यूज़र … Read more
  • भारतीय संघीय व्यवस्था के आधारभूत तत्व | Main Elements of Indian Federal System
    भारतीय संघीय व्यवस्था के आधारभूत तत्व (Main Elements of Indian Federal System)             सत्ता की शक्तियों के वितरण तथा स्तरों के आधार पर अपनायी जानी वाली शासन प्रणाली ही संघवाद है । इस प्रणाली के अंतर्गत शासन का संचालन केन्द्र तथा उसकी विभिन्न इकाईयों के माध्यम से होता है । संघीय … Read more
  • पदार्थ और अणु की संरचना | Structure of Matter and Molecule
    पदार्थ और अणु की संरचना Structure of Matter and Molecule पदार्थ (Matter) हमारे चारों ओर मौजूद विभिन्न वस्तुएं, जैसे पानी, वायु, नमक, किताब, कंप्यूटर आदि, सभी पदार्थ हैं।  अंतरिक्ष में रहने वाली प्रत्येक वस्तु में द्रव्यमान होता है और जिसे पांच इंद्रियों से महसूस किया जा सकता है, उसे पदार्थ … Read more
  • भूमण्डलीय स्थितीय तंत्र (GPS) – Global Positioning System
    भूमण्डलीय स्थितीय तंत्र (GPS – Global Positioning System )                     दूरी और अक्षांशीय स्थिति सम्बन्धी सभी समस्याओं का समाधान भूमण्डलीय स्थितीय तंत्र ( global Positioning System ) अथवा G.P.S. द्वारा संभव है । इस जी.पी.एस. की मदद से स्थान और वाहन की … Read more
  • हमारा राजस्थान में 1857 ई. की क्रांति
            भारत में आजादी के लिए चेतना और संघर्ष का इतिहास हमारे लिए स्मरणीय है । यह 1857 ई. से शुरू होता है । 1857 ई. का स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटना है । 1818 ई. तक राजस्थान के विभिन्न राज्यों ने अंग्रेजों से संधिया … Read more
  • 18 वीं सदी का हमारा राजस्थान
            18 वीं सदी का हमारा राजस्थान से सम्बंधित मराठा शक्ति को सर्वप्रथम शिवाजी ने संगठित किया । औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात , मराठा शक्ति ने उत्तर भारत में विस्तार की नीति अपनाई , जिससे वे मालवा व गुजरात में आक्रमण करने लगे । मराठों का … Read more
  • हमारा राजस्थान की लोक संस्कृति एवं कला
             कृतिका दिल्ली में हुई गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर आज विद्यालय आयी थी । प्रार्थना सभा में कृतिका का स्वागत करते हुए उसे अपने अनुभव साझा करने हेतु आमंत्रित किया गया । कृतिका ने बताया कि उसे वहाँ अन्य राज्यों के बच्चों के साथ रहने … Read more
  • हमारा राजस्थान में आधारभूत सेवाएँ
          किसी राज्य के विकास के लिए कुछ आधारभूत सेवाओं की आवश्यकता होती है, जैसे- शिक्षा , चिकित्सा , परिवहन एवं स्वास्थ्य आदि। आमजन को आधारभूत सेवाएँ उपलब्ध करवाना , सरकार का प्रमुख दायित्व होता है।         राजस्थान में राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र में … Read more
  • हमारा राजस्थान आजीविका के प्रमुख क्षेत्र
        आजीविका के प्रमुख क्षेत्र – मनुष्य अपने जीवन निर्वाह के लिए जो कार्य करते हैं, यह क्षेत्र विशेष के प्राकृतिक संसाधन , जलवायु व आर्थिक , सामाजिक , शैक्षिक स्तर पर निर्भर करता है । राजस्थान खनिज सम्पदा में एक सम्पन्न राज्य है । साथ ही यहाँ विभिन्न … Read more
  • हमारा राजस्थान के जल संसाधन और संरक्षण
            जल की उपलब्धता के कारण ही पृथ्वी पर जीवन संभव है । जल का उपयोग पेयजल , दैनिक घरेलू कार्य , सिंचाई व उद्योग आदि कार्यों में किया जाता है । जल के समस्त स्रोत जल संसाधन कहलाते हैं । राजस्थान के मुख्य जल स्रोतों में … Read more
  • हमारा राजस्थान का भौतिक स्वरूप
         राजस्थान का भौतिक स्वरूप अत्यंत जटिल एवं विविधता युक्त है । राज्य के मध्यवर्ती भाग में स्थित अरावली पर्वतमाला विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक है । राज्य का पश्चिमी भाग मरुस्थलीय है एवं दक्षिणी – पूर्वी भाग पठारी है । अतः भू – संरचना के आधार … Read more
  • प्रेरक प्रसंग | Motivational Incident | 21-30
    सहानुभूति या समानुभूति प्रेरक प्रसंग | Motivational Incident                रामकृष्ण परमहंस बहुविद् और बहुश्रुत संन्यासी थे। उन्होंने बाल्यकाल से ही गहन अध्ययन किया था। देशी – विदेशी चिंतकों – दार्शनिकों का गहन मंथन भी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व में झलकता था। एक दिन उनसे … Read more
  • हमारा राजस्थान (Our Rajasthan) ~ आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप
    Our Rajasthan ~ Form of government before independence            हमारा राजस्थान (Our Rajasthan) में रविवार का दिन था। सुमन अपनी माँ के साथ गाँव के पनघट पर पानी भरने गई थीं। पानी ले कर आते समय उसने पनघट के पास बने हुए पुराने किले पर कुछ … Read more
  • हमारा राजस्थान ~ प्राचीन सभ्यता स्थल | Ancient Civilization Sites
    राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल | Ancient Civilization Sites                 मानव जब स्वयं के बारे में सोचना छोड़कर दूसरों के बारे में सोचना शुरू करता है, तब वह समूह में रहकर कार्य प्रारम्भ करता हैं। इसी से सभ्यता की शुरुआत होती है। समय … Read more
  • RGHS | Rajasthan Government Health Scheme
    RGHS | Rajasthan Government Health Scheme   1 जनवरी 2004 या इसके बाद नियुक्त कर्मचारियों द्वारा RGHS | Rajasthan Government Health Scheme स्कीम का विकल्प लेने पर उक्त स्लैब के अनुसार कटोती होगी।  ★ RGHS Option form :- Download ★ RGHS पंजीयन के संबंध में दिनांक 14 जुलाई 2021 का स्पष्ट … Read more
  • प्रेरक प्रसंग | Motivational Incident | 11-20
    प्रेरक प्रसंग | Motivational Incident अति लोभ से मृत्यु निश्चित               दुर्भिक्ष की छाया बहुत त्रासदायक होती है। वह सबको लील जाती है। एक बार देश में भयंकर अकाल पड़ा। पशु – पक्षी ही क्या, मनुष्य तक भूखे मरने लगे और भोजन की तलाश में … Read more
  • हमारा राजस्थान का इतिहास जानने के सोत | Rajasthan History Sources
    हमारा राजस्थान का इतिहास जानने के सोत                    प्राचीनकाल के इतिहास के अध्ययन से हमें सभ्यता के क्रमिक विकास का ज्ञान होता है। हमारा राजस्थान का इतिहास जानने के अनेक स्रोत हैं, जिन्हें मुख्यतः दो भागों में विभक्त किया गया है – … Read more
  • हमारा राजस्थान के प्राचीन ऐतिहासिक क्षेत्र | Rajasthan Ancient Region
    हमारा राजस्थान के प्राचीन क्षेत्र                   चित्तौड़गढ़ जिले के छोटे से गाँव भाटोली का छात्र रवि, दीवार पर लगे राजस्थान के मानचित्र ध्यान से देख रहा था। उसने अपने शिक्षक से प्रश्न किया- सर हमारे राज्य का नाम राजस्थान है ना, हमारे … Read more
  • हमारा राजस्थान – एक परिचय | An Introduction of Rajasthan
    हमारा  राजस्थान का सामान्य परिचय राजस्थान – एकपरिचय             एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है । हम इस महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित, भारत देश में रहते हैं। हमारा देश 28 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों का एक संघ है। क्या आप जानते है … Read more
  • प्रेरक प्रसंग | Motivational Incident | 1-10
               प्रेरक प्रसंग वह प्रक्रिया है जो लक्ष्य-उन्मुख व्यवहारों को आरंभ, मार्गदर्शन और बनाए रखते  है।  रोजमर्रा के उपयोग में, “प्रेरक प्रसंग” शब्द का प्रयोग अक्सर यह वर्णन करने के लिए किया जाता है कि कोई व्यक्ति कुछ क्यों करता है। यह मानवीय क्रियाओं के पीछे … Read more
  • Fundamental Duties & DPSP | मूल कर्त्तव्य और राज्य के नीति निर्देशक तत्व 
     Fundamental Duties And Directive Principles of State Policy | मूल कर्त्तव्य और राज्य के नीति निर्देशक तत्व    मूल कर्त्तव्य ( Fundamental Duties )                   अधिकार व कर्तव्य का अनन्य सम्बन्ध है। अधिकार एवं कर्तव्य एक दूसरे के पूरक हैं। एक व्यक्ति के … Read more
  • सत्र 2021-22 का प्रारम्भ एवं प्रारम्भिक गतिविधियों का संचालन
    सत्र 2021-22 का प्रारम्भ एवं प्रारम्भिक गतिविधियों का संचालन। कार्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर के निर्देशानुसार राज्य के समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में 7 जून 2021 से नवीन शैक्षणिक सत्र 2021-22 का प्रारम्भ हो रहा है परन्तु कोविड -19 की परिस्थितियों के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग एवं गृह … Read more
  • साँप की दुल्हन | Snake bride
    साँप की दुल्हन कहानी                     एक समय की बात है कि कौशल राज्य के एक  नगर में एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहता था। वे एक बड़े से मकान में रहते थे और उनके पास ढेर सारा धन था। फिर … Read more
  • चार सच्चे मित्र | Four True Friends
    चार सच्चे मित्र की कहानी                  एक समय की बात है, एक जंगल में  एक विशाल वृक्ष पर मोंटी नाम का कौआ रहता था। उसी वृक्ष के कोटर में हिरा  नामक एक चूहा भी रहता था। पास की एक झील में मन्धार नामक … Read more
  • मूल अधिकार | Fundamental Rights
    भारत के संविधान में मूल अधिकार मूल अधिकार का अर्थ एवं महत्त्व :-             मूल अधिकारों की व्यवस्था भारत के संविधान की एक प्रमुख विशेषता है। मूल अधिकार उन अधिकारों को कहा जाता है जो व्यक्ति के लिये मौलिक तथा अनिवार्य होने के कारण संविधान … Read more
  • भारत की संघीय व्यवस्था | Federal System of India
     भारत की संघीय व्यवस्था                भारतीय संविधान निर्माताओं ने भारत को राज्यों का संघ ‘ (Union of States) की संज्ञा दी है। भारत के संविधान में कहीं भी संघ (Federation) शब्द का उल्लेख नहीं किया गया है। हमारे संविधान का निर्माण करते समय संविधान … Read more
  • उद्देशिका | प्रस्तावना | Introduction of Constitution
    उद्देशिका | प्रस्तावना               प्रत्येक संविधान के प्रारम्भ में समान्यतया एक प्रस्तावना होती है, जिसके द्वारा संविधान में मूल उद्देश्यों व लक्ष्यों को स्पष्ट किया जाता है। जिसका मुख्य प्रयोजन संविधान निर्माताओं के विचारों तथा उद्देश्यों को स्पष्ट करना होता है, जिससे संविधान की … Read more
  • भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं
    भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं              भारतीय संविधान निर्माताओं ने इस देश की ऐतिहासिक , सामाजिक , धार्मिक तथा राजनीतिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखकर संविधान का निर्माण किया ।  भारत के संविधान की अपनी विशिष्टता है जो उसे विश्व के अन्य संविधानों से अलग करती … Read more
Share this Content ~