भारत में आधुनिक भूगोल का विकास

भारत में आधुनिक भूगोल का विकास         19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध तक भारत में भूगोल का क्षेत्र केवल स्कूलों तक ही सीमित था जिसे इतिहास व नागरिक शास्त्र के साथ मिलकर पढ़ाया जाता था। इस काल में केवल देहरादून स्थित ‘सर्वे ऑफ इण्डिया’ (1767 में स्थापित) ही एकमात्र संस्था थी जहाँ भौगोलिक जानकारी के लिए भू-पत्रक … Read more

भूगोल में मात्रात्मक क्रांति के विकास एवं प्रभाव

भूगोल में मात्रात्मक क्रांति के विकास एवं प्रभाव ✍️ भूगोल में मात्रात्मक क्रांति      भूगोल में द्वितीय विश्वयुद्ध के उपरान्त अनुभवात्मक अध्ययनों के स्थान पर मात्रात्मक (परिमाणात्मक) अध्ययनों पर बल दिया जाने लगा, जिसे भूगोल में मात्रात्मक क्रांति कहते हैं। इस प्रकार के अध्ययनों में उच्च स्तर की गणित तथा सांख्यिकीय विधियों का उपयोग करके मॉडल … Read more

भूगोल में द्वैतवाद | क्रमबद्ध एवं प्रादेशिक भूगोल में व्याप्त द्वैतवाद

भूगोल में द्वैतवाद  (क्रमबद्ध एवं प्रादेशिक भूगोल में व्याप्त द्वैतवाद )     प्राचीन ग्रीक युग से आज तक भूगोल के विभिन्न पक्षों का अध्ययन व अनुसंधान किया जाता रहा है। ग्रीक युग में गणितीय भूगोल तथा रोमन युग में विभिन्न प्रदेशों के भूगोल का अध्ययन स्ट्रेबो ने किया। नवीन प्रवृत्तियों के समावेश तथा अनेक चुनौतियों के … Read more

क्रांतिकारी भूगोल | अतिवादी भूगोल का वर्णन

✍️क्रांतिकारी भूगोल / अतिवादी भूगोल का विकास         क्रांतिकारी भूगोल मात्रात्मक क्रान्ति के विरोधाभाव स्वरूप विकसित हुई। यह मार्क्सवादी विचारधारा की प्रयुक्ति है। 1969 में क्लार्क विश्वविद्यालय, मेसाचुसेट्स में Antipode नामक एक भौगोलिक शोध पत्रिका के प्रथम अंक में से क्रांतिकारी भूगोल का जन्म हुआ। इसके विकास में विलियम बुंगी तथा डेविड हार्वे ने परम्परागत पूँजीवादी … Read more

आचरण भूगोल या व्यवहारवादी भूगोल की व्याख्या

आचरण भूगोल या व्यवहारवादी भूगोल की व्याख्या       भूगोल में मनुष्य के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक क्रिया-कलापों के अध्ययन का विशेष महत्व होता है। इस दृष्टि से भूगोल सामाजिक विज्ञानों में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में सफल रहा है, लेकिन इसके विधि तन्त्र तथा लक्ष्यों को लेकर उभरे असन्तोष के परिणामस्वरूप 1960 के दशक में भूगोल … Read more

विडाल डी ला ब्लाश एवं जीन ब्रुन्स का फ्रांसीसी विचारधारा के विकास में योगदान 

✍️ विडाल डी ला ब्लाश का योगदान         विडाल डी ला ब्लाश को मानव भूगोल का संस्थापक माना जाता है। ब्लाश ने 1865 में पेरिस शिक्षण संस्थान ‘Ecole Normale Superieure’ से इतिहास तथा भूगोल दोनों विषयों की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने कुछ समय तक एथेन्स के फ्रांसीसी स्कूल में अध्यापक का कार्य करके 1872 ई. में … Read more

फ्रेडरिक रेटजेल एक महान मानव भूगोलवेत्ता 

फ्रेडरिक रेटजेल एक महान मानव भूगोलवेत्ता  ✍️ फ्रेडरिक रेटजेल का जीवन परिचय        फ्रेडरिक रेटजेल का जन्म 1844 ई. में हुआ था तथा उसकी प्रारम्भिक शिक्षा जर्मनी के विभिन्न विश्वविद्यालयों में हुई थी। उसका जन्म प्रशिया के कार्लशू नगर में हुआ था। बाल्यकाल में उसने चार वर्ष तक एक रसायनज्ञ के शिष्य के रूप में कार्य … Read more

प्रेम रंग में दीवानी मीरा ~ करुणा व प्रेम का प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव ~ रामसा पीर, रुणेचा रा धणी, पीरां रा पीर श्रीकृष्ण को सर्वोत्तम मित्र क्यों माना जाता है ? परमाणु क्या होता है ? आप जानते हो ! झाँसी की रानी के रहस्मयी तथ्य सुनीता विलियम्स ~ भारतीय मूल की अन्तरिक्ष यात्री पारिवारिक सम्बंध में हमारे रिश्तों की पहचान क्या होती है ? क्या आप पदार्थ (Matter) के बारे में जानते है ?🤔 सरदार भगतसिंह क्यों बने क्रन्तिकारी ? भूमण्डलीय स्थितीय तंत्र (GPS – Global Positioning System ) International Pushkar Fair