प्राचीन भारतीय शिक्षा | Ancient Indian Education

प्राचीन भारतीय शिक्षा           प्राचीन भारतीय सभ्यता विश्व की सर्वाधिक रोचक तथा महत्त्वपूर्ण सभ्यताओं में से एक है। इस सभ्यता के समुचित ज्ञान के लिए हमें इसकी शिक्षा पद्धति का अध्ययन करना आवश्यक है, जिसने इस सभ्यता को चार हजार वर्षों से भी अधिक समय तक सुरक्षित रखा। प्राचीन भारतीयों ने शिक्षा को अत्यधिक महत्व प्रदान … Read more

राजस्थान की चित्रकला महत्वपूर्ण तथ्य

चित्रकला की प्रमुख संस्थाऐं जोधपुर  –  चितेरा, धोरा  उदयपुर  –  खमल, तुलिका कला परिषद जयपुर   – कलावृत, आयाम, पैंग, क्रिएटिव संस्थाऐं, जवाहर कलाकेन्द्र 1993 में  भीलवाड़ा – अंकन राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स एवं क्राफ्ट्स – महाराजा रामसिंह के काल में जयपुर में स्थापित। पुराना नाम – मदरसा-ए-हुनरी।  राजस्थान ललित कला अकादमी – 24 नवम्बर … Read more

हाड़ौती शैली | बूँदी शैली | अजमेर शैली | नागौर शैली

हाड़ौती शैली स्कूल | चित्रकला शैली 🕊️ बूंदी शैली इस शैली पर मेवाड़ चित्र शैली का प्रभाव स्प्ष्ट नजर आता है। बूंदी शैली का स्वर्णकाल सुर्जन सिंह हाड़ा का काल माना जाता है।  बूंदी शैली को राजस्थानी विचारधारा की शैली या प्राचीन विचारधारा की शैली कहा जाता है। बूंदी शैली, किशनगढ़ शैली के बाद राज्य … Read more

ढूंढाड़ स्कूल | जयपुर चित्रकला शैली | शेखावाटी शैली

ढूंढाड़ स्कूल | जयपुर चित्रकला शैली  🐅 अलवर शैली यह शैली सन् 1775 ई. मे जयपुर से अलग होकर ‘राव राजा प्रतापसिंह’ के राजत्व मे स्वंत्रत अस्तित्व प्राप्त कर सकी। उनके राजकाल मे ‘शिवकुमार और डालूराम’ नामक दो चित्रकार जयपुर से अलवर आये।  अलवर कलम जयपुर चित्रकला की एक उपशैली मानी जाती हैं।   डालूराम भिति … Read more

जोधपुर शैली | मारवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स | राजस्थान की चित्रकला शैली

मारवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स | राजस्थान की चित्रकला शैली 🐪 जोधपुर शैली जोधपुर शैली पर मुगल शैली का प्रभाव हैं। जोधपुर शैली का प्रारम्भिक विकास राव मालदेव ( 52 युद्धों का विजेता) के काल में हुआ। स्वर्णकाल, जसवंत सिंह प्रथम का काल रहा। जोधपुर शैली मालदेव के समय में स्वतंत्र अस्तित्व में आयी, पहले इस … Read more

मेवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स | राजस्थान की चित्र शैली | मेवाड़ शैली

मेवाड़ स्कूल ऑफ पेंटिंग्स / मेवाड़ की चित्रकला 🐘 मेवाड़ शैली चित्रकला की सर्वाधिक प्राचीन शैली। मेवाड़ शैली को विकसित करने में महाराणा कुम्भा का विशेष योगदान रहा। मेवाड़ शैली का स्वर्णकाल जगत सिंह प्रथम का काल रहा। “विष्णु शर्मा द्वारा रचित पंचतन्त्र नामक ग्रन्थ में पशु-पक्षियों की कहानियों के माध्यम से मानव जीवन के … Read more

राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ

राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ राजस्थानी चित्रकला शैली का प्रारंभ 15 वीं से 16 वी शताब्दी के मध्य माना जाता है। राजस्थानी चित्रकला में चटकीले भड़कीले रंगों का प्रयोग किया गया है । विशेषतः पीले व लाल रंग का सर्वाधिक प्रयोग हुआ है।  राजस्थान की चित्रकला शैली में अजंता व मुग़ल शैली का सम्मिलित मिश्रण पाया … Read more

प्रेम रंग में दीवानी मीरा ~ करुणा व प्रेम का प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव ~ रामसा पीर, रुणेचा रा धणी, पीरां रा पीर श्रीकृष्ण को सर्वोत्तम मित्र क्यों माना जाता है ? परमाणु क्या होता है ? आप जानते हो ! झाँसी की रानी के रहस्मयी तथ्य सुनीता विलियम्स ~ भारतीय मूल की अन्तरिक्ष यात्री पारिवारिक सम्बंध में हमारे रिश्तों की पहचान क्या होती है ? क्या आप पदार्थ (Matter) के बारे में जानते है ?🤔 सरदार भगतसिंह क्यों बने क्रन्तिकारी ? भूमण्डलीय स्थितीय तंत्र (GPS – Global Positioning System ) International Pushkar Fair